Sandhya Aur Muskan Ki Jodi
हद अनहद के "संविधान लाइव - दा जागरिक" यात्रा पारसराम पुरिया स्कूल (इंदौर) में आठवीं कक्षा की छात्र संध्या और मुस्कान संवेदनशील जागरिक जोड़ी है ।
जिसने अपने टास्क में बाल विवाह जैसे मुद्दे पर अपनी व्यक्तिगत राय प्रस्तुत किए । बाल विवाह एक कुप्रथा है यह प्राचीन काल में प्रचलित थी जब लड़के लड़कियों का विवाह बहुत ही कम उम्र में कर दिया जाता था बाल विवाह केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में होता है ऐसा माना जाता है कि भारत के राजस्थान, बिहार और भी निचले राज्यों में बाल विवाह अब भी हैं एक और जहां भारत विश्व शक्ति बनकर उभर रहा है वहीं देश बाल विवाह जैसी कुप्रथा देश के विकास को रोक रही है हम सभी चाहते हैं कि इस कुप्रथा को समाप्त करें और आजादी से पूर्व राजा राममोहन राय मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई थी और उन्होंने ब्रिटिश सरकार से स्पेशल मैरिज एक्ट को पारित करवाया था जिसके अंतर्गत लड़कों की उम्र 14 वर्ष से 18 वर्ष निर्धारित की गई थी। इसके लिए कुछ प्रमुख कारण:
पारिवारिक समस्या - भारत की ऐसी संस्कृति है कि यहां पर घर के बुजुर्ग चाहते हैं उनके जीवित रहते हुए उनके नाती पोतों का विवाह हो जाए इसलिए भारत में 18 वर्षीय पूर्व विवाह कर दिया जाता है।
गरीबी - बाल विवाह के लिए गरीबी का प्रमुख कारण है क्योंकि गरीब लोग अपनी बेटियों को पढ़ाना नहीं चाहते उनके पास इतना पैसा नहीं होता है कि वह अपनी बेटी को अच्छा भविष्य देख सके इसलिए वह जल्दी विवाह करके अपनी जिम्मेदारी से मुक्त होना चाहते हैं।
बेटी के चरित्र के बारे में मां-बाप की चिंता - मां-बाप अक्सर अपनी बेटियों के विषय में बहुत चिंतित रहते हैं क्योंकि आए दिन कोई न कोई ऐसी घटना सुनने को मिलती है जिससे वह विचलित हो जाते हैं।




