Last Jamghat

संस्था आस इंदौर द्वारा शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय, घाटाबिल्लोद, जिला धार में   जागरीको के साथ आखरी जमघट का समापन किया गया।  हमारे जग्रीक साथियों का उत्साह काफी सकारात्मक था जग्रिको ने अपने टास्क के अनुभव को बाकी जाग्रीको  के साथ साझा किए।  आज के जमघट में पोस्ट सर्वे, अभी तक इस जर्नी में जो किया है उसे कैसे आगे लेकर जाएंगे, टास्क के अनुभव, शपथ, गेम्स, वीडियो, पुरस्कार वितरण एवं अन्य गतिविधियों को किया गया. इन सभी गतिविधियों में जाग्रीकों ने उत्साह के साथ भाग लिया।   हमारे एक जागरीक साथी  रिया ने बताया कि उन्हें इस जर्नी में बहुत कुछ सीखने को मिला है   जैसे संविधान कब बना व  किन परिस्थितियों में बना।  यदि संविधान नहीं होता तो हम आज कहां होते हमारा क्या होता संविधान ने हमें जीना सिखाया I

रिया ने बताया कि पहले मुझे बाल अधिकारों के बारे में समझ नहीं थी पर अब मुझे पता चला है कि बाल अधिकार का हमारे जीवन में कितना महत्व हैं एवं इससे हम अपना विकास कैसे कर सकते हैं ।

 हमारे एक जाग्रीक साथी सपना लोधी ने बताया कि हमें इस जर्नी  में काफी कुछ सीखने को मिला एवं और भी कुछ सीखने की जरूरत है। सपना ने बताया कि पहले मेरे माता पिता का कहना था कि मैं आठवीं तक पढ़ाई करने के बाद स्कूल छोड़ दूं क्योंकि उन्हें यह लगता था कि मुझे तो शादी करके दूसरे घर जाना है, परंतु इस जर्नी में टास्क के दौरान मुझे यह पता चला की मुझे पड़ने का अधिकार है तो  मैंने मेरे  माता-पिता की सोच को बदला एवं उनके मन में जो भ्रांतियां थी उसे दूर किया एवं साथ ही उन्हें पढ़ाई का महत्व बताया। बच्चो ने बाल अधिकारों के बारे में अपने माता पिता को भी बताया और यह भी समझाया की प्रत्येक  बच्चे को पढ़ना अनिवार्य  है , ऐसा संविधान के मूल कर्तव्यों में भी लिखा है।