Sanvidhan Jagrik- AAS,Indore
बालिका-- सपना लोधी
उम्र --14 वर्ष
कक्षा-- आठवीं
स्कूल-- गर्ल्स गवर्नमेंट मिडिल स्कूल स्कूल घाटाबिल्लोद धार!
बालिका को मूल अधिकार का टास्क दिया गया था ! जिसमें बालिका को जातिगत भेदभाव से परे सभी जाति धर्म के कुछ दोस्त बनाना था ,और उन्हें अपने घर इनवाइट करना था साथ ही उनकी धर्म में क्या खास बात है क्या अच्छा है यह जानना था! बालिका सपना ने दूसरी जाति धर्म के पांच से छह दोस्त बनाएं और उनके धर्म में क्या खास बातें हैं ,वह सब दोस्तों से पूछी सभी दोस्तों ने अपने धर्म की बातें बताइ ! सपना ने पाया कि सभी धर्म में एक समान बातें और समानता है! सभी मिल जुल कर रहना पसंद करते हैं सभी अपने धर्म के हिसाब से उपासना करते हैं ,पूजा करते हैं, नमाज पढ़ते हैं ,बाइबल पढ़ते हैं, और अपने धर्म के हिसाब से उपासना करते हैं ! रोजा रखते हैं और पूजा करते हैं सभी जाति में एकता भाईचारा और शांति चाहते हे! सभी धर्म में यही मान्यता है कि सबको को समान दृष्टि से देखा जाए! किसी के साथ जाति लिंग भाषा रूप रंग संस्कृति के आधार पर भेदभाव ना किया जाए सभी धर्म का मकसद एक ही होता है! बालिका को उन सभी दोस्तों से मिलने के बाद और उनकी बातें सुनने के बाद बालिका की सोच में परिवर्तन आ गया !बालिका ने इन सब बातों को समझा और अपने दैनिक जीवन में उतारा और साथ ही बालिका ने अपने परिवार से शुरुआत करके परिवार को इस भेदभाव से दूर रहने के लिए कहा, कि अपनी धारणाएं किसी भी धर्म जाति समाज के प्रति विपरीत ना बनाएं कुछ ऐसा ना कहें जिससे किसी भी धर्म के व्यक्ति को ठेस पहुंचे क्योंकि जो हम देखते सोचते समझते हैं असल में उस धर्म जाति में वह नहीं होता ! बालिका ने संविधान के प्रति जागरूक होकर अपने आसपास कॉलोनी के बच्चों को अपने स्कूल के बच्चों को संविधान के बारे में बताया ! जिन लोगों के धारणाएं बने थी ! धर्म जाति रंग रूप के आधार पर उन्हें अपनी सोच बदलने के लिए कहा और सभी के साथ समान व्यवहार करने के लिए कहा बालिका ने देखा कि समाज हम सब से बनता है, समाज हमारे द्वारा बनाया गया है हमें समाज के प्रति अपनी धारणाएं अपनी सोच बदलनी होगी समाज का विकास तभी होगा जब समाज में रहने वाले लोगों का विकास हो तभी हमारा समाज चलेगा और आगे बढ़ेगा! आज देश के सभी लोगों को सभी धर्म मजहब जाति के परे सोच रखनी होगी ! सबके लिए सोचना होगा तभी देश का विकास संभव है!




