Sanvidhan Jagrik- AAS,Indore
एम पब्लिक स्कूल लेबड में जमघट का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों द्वारा अपनी इस जर्नी में जो भी अनुभव गेम एवं टास्क के द्वारा लिए गए हैं , उन्होंने हमारे सभी जगरिक भाइयों के समक्ष साझा किए।
अपने जीवन के मूलभूत अधिकार, कर्तव्य व बाल अधिकार के बारे में उनके अनुभव जो कि उन्होंने इस जर्नी से प्राप्त किए हैं उनके द्वारा बताए गए।
हमारे जागरिक भाईयों द्वारा उनके अनुभव:-
अनुभव में वह बताते हैं की यह जर्नी हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण रही है, क्योंकि हमें आज तक हमारे अधिकार व कर्तव्य का पता ही नहीं था। हमें जो हमारे पूर्वज या हमारे समुदाय के लोगों द्वारा बताए गए नियम कानून पर पर चलना होता था ।
"समाज में व्याप्त बुराइयों का भी जाने अनजाने में पालन करना पड़ता था , परंतु हमें भी "संविधान लाइव आओ जाग्रीक बने", इस जर्नी से काफी कुछ सीखने को मिला है , जिससे यह पता चलता है की कुछ ऐसी धारणाएं हैं जो हमें हमारे अधिकार व कर्तव्य से दूर रखती हैं जिसके कारण हमारे जीवन में बहुत प्रभाव पड़ा है ।"
बालक रोहित व राकेश ने अपने टास्क के अनुभव में बताया कि टास्क के दौरान हमें 24 घंटे तक चुप रहना था कुछ बोलना नहीं है।
इस टास्क के अनुभव से मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला और साथ ही उन लोगों के बारे में भी सोचने का मौका मिला है, जो कि सारी जिंदगी नहीं बोल पाते हैं। उनकी जगह पर खुद को रख कर देखने से हमें एहसास हुआ उनकी तकलीफों का, उनकी मुश्किलों का जिसे वह रोज सहन करते हैं फेस करते हैं। अपने जीवन में हमें इन 24 घंटों में हर वह मिनट इतना मुश्किल लग रहा था की मानो जैसे हमारा एक अधिकार छीन लिया है। हमें इस बात का एहसास हुआ कि उस व्यक्ति का क्या जो बचपन से या सारे जीवन नहीं बोल पा रहा है जिसका हर कोई व्यक्ति हर दिन मजाक उड़ाता है उसके साथ गलत करता है उसे कैसा महसूस होता होगा यह आज देख कर हमें लगता है की लोगों को इस सच्चाई से अवगत कराना होगा । क्योंकि हम जाने अनजाने में बहुत कुछ गलत कर देते हैं। और हमें समाज में संविधान के प्रति जागरिक बनाने की आवश्यकता है।




